भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि

हैदराबाद (तेलंगाना) : हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर— मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है। इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है।इस नवजागरण के केंद्र में वही अधिकारी हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा ने तेलंगाना में उपेक्षित स्थानों को जीवंत सार्वजनिक संपत्तियों में बदला है। शहर की विरासत: जीएचएमसी के वर्ष जिला प्रशासन में आने से पहले, हरि चंदना आईएएस ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में ज़ोनल कमिश्नर के रूप में हैदराबाद के शहरी परिदृश्य को आकार दिया — जहाँ स्थिरता और विरासत संरक्षण दैनिक शासन के मूल तत्व बने।…

स्नीकर्स से लेकर साड़ी तक: कैसे वॉशमार्ट बदल रहा है कपड़ों की देखभाल का तरीका

नोएडा (उत्तर प्रदेश) [भारत], 19 जनवरी: भारत को विश्व का एक प्रमुख कपड़ा बाजार माना जाता। लेकिन कपड़ों की देखभाल…

मीडिया जगत में क्रांति लाने को तैयार ‘News Tv India’, लॉन्चिंग की तैयारियां हुईं तेज़

नई दिल्ली: हिंदी समाचारों की दुनिया में एक नई क्रांति लाने के उद्देश्य से ‘न्यूज़ टीवी इंडिया’ (News TV India)…

डॉ. अभिषेक वर्मा ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी के 13वें संकल्प दिवस सम्मेलन में भाग लिया

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), जनवरी 15 : डॉ. अभिषेक वर्मा, मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक, शिवसेना (एनडीए) गठबंधन एवं चुनाव, ने 13 जनवरी…

वहातु कमीशन और सर्ज प्राइसिंग वाले पारंपरिक राइड-हेलिंग ऐप्स से अलग, Wahatu लेकर आया ज़ीरो-कमीशन, ड्राइवर-फर्स्ट और किफ़ायती ट्रैवल प्लेटफॉर्म

भारत का राइड–हेलिंग और ट्रैवल उद्योग तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन उच्च कमीशन, अनिश्चित किराए और सीमित पारदर्शिता जैसी समस्याएँ…